मिठौरा विकास खंड के मदनपुरा गांव में नहीं थम रहा मनरेगा भ्रष्टाचार, जिम्मेदारों की रहमों करम से हो रही है सरकारी धन की बन्दरबांट

मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा 

UP Samachar Plus 

महराजगंज, 09 जनवरी। मिठौरा विकास खंड के ग्राम मदनपुरा में मनरेगा योजना के तहत हो रहे चकबंध कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव में पीडब्ल्यूडी से पश्चिम नहर तक चकबंध कार्य में मजदूरों की फर्जी हाजिरी दिखाकर सरकारी धन की लूट हो रही है।

कार्य स्थल पर 65 मजदूरों की दैनिक हाजिरी दर्ज की जा रही है, जबकि मौके पर केवल 20-22 मजदूर ही काम करते पाए गए। यह फर्जीवाड़ा ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक की मिलीभगत से किया जा रहा है।

इस मामले में ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक से जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया। इससे मामले की गंभीरता और मिलीभगत की पुष्टि होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का भ्रष्टाचार संभव नहीं है। यह घोटाला न केवल मजदूरों के अधिकारों का हनन है, बल्कि सरकारी योजनाओं की छवि पर भी सवाल खड़ा करता है।

वर्क कोड संख्या 3152004019/LD/958486255824752032 के तहत 19288 से 19293 और 19643 नंबर की मस्ट्रोल जारी किया गया है। इसके पहले भी मदनपुरा गांव में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया था लेकिन मामले को दबा दिया गया। अब देखना दिलचस्प होगा कि अबकी बार क्या कार्रवाई की जा रही है या इसे भी पहले की तरह ब्लॉक अधिकारी ठंडे बस्ते में डाल देंगे।

ग्रामीणों ने इस भ्रष्टाचार पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मनरेगा योजना गरीबों के लिए है, लेकिन प्रधान और रोजगार सेवक जैसे लोग इसमें घोटाला कर गरीब मजदूरों का हक मार रहे हैं।

मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में हो रहे इस भ्रष्टाचार ने प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस घोटाले पर क्या कदम उठाता है।


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